#नौनिहालों के भविष्य की #रोशनी बनी #विद्या_दान की पहल, #डीएम_विशाल_मिश्रा का अनोखा अभियान, एक किताब बनेगी किसी बच्चे के सपनों की उड़ान
आपकी अलमारी में रखी एक किताब, किसी नौनिहाल के भविष्य की पहली सीढ़ी बन सकती है
पहाड़ी दस्तक रुद्रप्रयाग। कहते हैं कि धन का दान कुछ समय बाद समाप्त हो सकता है, लेकिन ज्ञान का दान पीढ़ियों तक अपना प्रकाश फैलाता है। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की पहल ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई रोशनी फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बन रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य उन विद्यार्थियों तक उपयोगी और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पहुंचाना है, जिन्हें बेहतर अध्ययन सामग्री की आवश्यकता है। अभियान केवल किताबें इकट्ठा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना, जिज्ञासा बढ़ाना और ज्ञान के नए अवसर उपलब्ध कराना भी प्रमुख उद्देश्य है।
अपर जिलाधिकारी ने दान कीं 35 पुस्तकें
अभियान को आगे बढ़ाते हुए अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने 35 पुस्तकें दान कर इस मुहिम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई पुस्तकों में विज्ञान, कला, संस्कृति समेत विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी साहित्य शामिल है।
अधिकारियों की इस पहल से समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है कि वे अपने घरों में रखी ऐसी पुस्तकों को जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचाएं, जिनका वर्तमान में उनके लिए उपयोग नहीं हो रहा है।
आप भी बनें ज्ञान के इस महाअभियान का हिस्सा
आपके घर की अलमारी में वर्षों से रखी कोई किताब शायद आपके लिए अब उपयोगी न हो, लेकिन वही किताब किसी विद्यार्थी के लिए नई जानकारी, नई सोच और नए सपनों का दरवाजा खोल सकती है।
यदि आपके पास विज्ञान, साहित्य, कला, संस्कृति, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं अथवा विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अन्य पुस्तकें हैं, तो आप उन्हें इस अभियान के लिए दान कर सकते हैं।
पुस्तकें जिलाधिकारी कार्यालय, रुद्रप्रयाग में उपलब्ध कराकर आप भी इस नेक पहल का हिस्सा बन सकते हैं।
एक किताब… किसी की जिंदगी बदल सकती है
एक पुस्तक सिर्फ कागज के पन्नों का संग्रह नहीं होती। वह किसी बच्चे के लिए ज्ञान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की शुरुआत बन सकती है।
आज आपकी अलमारी में धूल खा रही एक किताब,
कल किसी नौनिहाल के हाथ में पहुंचकर
- उसके सपनों को नई उड़ान दे सकती है।
आइए, ज्ञान को सिर्फ अपने तक सीमित न रखें।
एक पुस्तक दान करें… ज्ञान का वृक्ष लगाएं।
आपकी छोटी-सी पहल किसी बच्चे के भविष्य में उम्मीद की बड़ी रोशनी बन सकती है।