अगस्त्यमुनि। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में एवं नीना अग्रवाल की अध्यक्षता में 26 मई 2026 को नव नियुक्त 95 पीएलवी (पराविधिक स्वयंसेवक) एवं अधिकार मित्रों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं उद्घाटन संबोधन के साथ हुआ।
अपने संबोधन में अध्यक्ष ने पीएलवी एवं अधिकार मित्रों को उनके दायित्वों एवं समाज में उनकी भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पराविधिक कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सहायता एवं जागरूकता पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जंगलों में आग की रोकथाम, स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त वातावरण, उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा नशामुक्त समाज के निर्माण पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल एवं भूमि का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उपभोक्ताओं को वस्तुओं की कीमत एवं एक्सपायरी तिथि की जांच के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने जीवन में भी अपनाने का आह्वान किया तथा आमजन को विधिक एवं सामाजिक जानकारी सरल, स्पष्ट एवं प्रभावी भाषा में समझाने की बात कही।
प्रथम सत्र में रिटेनर अधिवक्ता यशोदा खत्री द्वारा संविधान की मूल संरचना, महत्वपूर्ण कानूनों, पीएलवी की भूमिका एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।
द्वितीय सत्र में जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान पेंशन, छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री विवाह अनुदान योजना एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पीएलवी एवं अधिकार मित्रों से पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने हेतु जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
तृतीय सत्र में पायल सिंह द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता, नालसा की विभिन्न योजनाओं, अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना एवं अन्य विधिक विषयों पर जानकारी दी गई। उन्होंने “कानूनी ज्ञान माला” के माध्यम से प्रतिभागियों को विधिक जानकारियों से अवगत कराया तथा नालसा की वेबसाइट का चरणबद्ध अवलोकन कराते हुए ऑनलाइन सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई। प्रशिक्षण के दौरान विधिक जागरूकता से संबंधित पेम्फलेट एवं सूचनात्मक सामग्री का भी वितरण किया गया।
अंतिम सत्र में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी ने महिलाओं से संबंधित कानूनों, महिला उत्पीड़न रोकथाम, राजस्व अभिलेखीय कार्यवाही एवं न्यायालयीन प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने खाता-खतौनी में नाम दर्ज एवं विलोपन, परिवार रजिस्टर संशोधन, फौजदारी एवं दीवानी वाद, वैवाहिक मामलों तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS-2023) के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि पराविधिक कार्यकर्ता न्याय व्यवस्था एवं आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक समय पर विधिक सहायता पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा विधिक सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ पहुँचाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त 95 पीएलवी एवं अधिकार मित्रों को पहचान पत्र (आईडी कार्ड) एवं पीएलवी कैप/टोपी का वितरण भी किया गया। प्रतिभागियों ने इसे अपने दायित्वों के प्रति सम्मान एवं प्रेरणा का प्रतीक बताते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवाएं पहुँचाने का संकल्प लिया।