रुद्रप्रयाग में आशा कार्यकर्ताओं का बड़ा प्रदर्शन, सरकार को चेतावनी – अब नहीं चलेगी उपेक्षा!

रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय आशा एवं आशा फैसिलिटेटर महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को जनपद रुद्रप्रयाग की सैकड़ों आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार रैली और प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध संगठन के बैनर तले जिला मुख्यालय में एकत्रित कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय एवं राज्य स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजा।

आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि देशभर में लगभग 11 लाख आशा कार्यकर्ता वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पल्स पोलियो अभियान, टीबी उन्मूलन, डेंगू नियंत्रण, स्वच्छता अभियान और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में उनकी अहम भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला।

प्रमुख मांगें

आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।

₹18,000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए।

सेवा के दौरान दुर्घटना पर ₹5 लाख का बीमा मिले।

सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख का एकमुश्त भुगतान किया जाए।

सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को ₹10 लाख मुआवजा दिया जाए।

अनुभवी आशाओं को प्रशिक्षण देकर एएनएम पद पर पदोन्नति का अवसर मिले।

कार्य के लिए यात्रा भत्ता या इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराई जाए।

पल्स पोलियो अभियान का मानदेय ₹150 से बढ़ाकर ₹800 प्रतिदिन किया जाए।

प्रत्येक माह किए गए कार्यों का समय पर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

सभी प्रकार की प्रोत्साहन राशि में चार गुना वृद्धि की जाए।

राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे ₹3,300 प्रोत्साहन को बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह किया जाए।

डेंगू नियंत्रण अभियान में ₹5,000 अतिरिक्त मानदेय तथा आशा हेल्प डेस्क ड्यूटी का मानदेय ₹800 प्रतिदिन किया जाए।

आशा फैसिलिटेटरों की लंबित मांगों का भी शीघ्र समाधान किया जाए।

आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार उनकी वर्षों पुरानी न्यायोचित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर सुशीला सेमवाल, भरोसी रावत, कमला राणा, ललिता कठैत, पूनम देवी, रेनू नेगी, रंजना थपलियाल, गणेश देवी, गीता देवी, आशा सेमवाल सहित जनपद के तीनों विकासखंडों से बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एवं आशा फैसिलिटेटर मौजूद रहे।