पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग पर अगस्त्यमुनि में शिक्षकों का हुंकार, प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन

रुद्रप्रयाग। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली तथा आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, शाखा अगस्त्यमुनि के शिक्षकों ने शुक्रवार को तहसील परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शाखा मंत्री गिरिजेश सेमवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लेते हुए सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। धरना समाप्त होने के बाद शिक्षकों ने उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

 

ज्ञापन में शिक्षकों ने स्पष्ट रूप से मांग उठाई कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता तत्काल समाप्त की जाए, क्योंकि यह नियम पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं है। साथ ही वर्ष 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से शिक्षक अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के शिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल अपने अधिकारों की नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूती और भविष्य की सुरक्षा की भी लड़ाई लड़ रहे हैं।

शिक्षकों के आंदोलन को विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों का भी व्यापक समर्थन मिला। उत्तराखण्ड क्रांति दल (यूकेडी) के जिला अध्यक्ष अर्जुन कंडारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षकों की न्यायोचित मांगों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। वहीं उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षकों की उपेक्षा किसी भी कीमत पर उचित नहीं है और सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन में दीपेंद्र बिष्ट, राकेश गैरोला, आनंदपाल भंडारी, नीलम बिष्ट, वीरपाल लाल, अनिल कपरुवाण, रजनी गोसाईं, पंकज भट्ट, शीला कोहली, मोनिका सेमवाल, सुरेंद्र सोनियाल, अजय कुमार, सुनील भट्ट, अजय नेगी, सूरज जग्गी, अरुणेश, भानुप्रताप, सुमन, रणवीर, प्रकाश, विनीता, अनुपमा, प्रमोद सहित शाखा अगस्त्यमुनि के सभी शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर शिक्षकों ने एक स्वर में सरकार से मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए और अधिक व्यापक एवं निर्णायक संघर्ष किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।