रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री ऐश्वर्या रावत ने शनिवार को ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात कर केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न सड़क परियोजनाओं के निर्माण, सुधारीकरण एवं डामरीकरण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों, तीर्थयात्रियों और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपे।
ऐश्वर्या रावत ने कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत प्रस्तावित मोटर मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कोटमा से ग्राम स्यांसू तक मोटर पुल एवं मोटर मार्ग निर्माण, रांज लेक से रांज स्वर्ण मोटर मार्ग, उनियाणा मोटर मार्ग से पौली-दौणी-कालोशिला मोटर मार्ग, बड़सुधार से तल्ला बरंगाली तक मोटर मार्ग, देवशाल-कोटेड़ा-नारायणकोटि मोटर मार्ग, न्यूड़ी-सेमकुराला-कोरखी-तल्ली मोटर मार्ग, जखोरा से ऐंटा पवननगर थापली मार्ग कमसाला तक मोटर मार्ग, दिलणा ग्वाड़-काण्डा मोटर मार्ग तथा किंगणा से कण्डा मोटर मार्ग सहित विभिन्न प्रस्तावित सड़कों के लिए वित्तीय स्वीकृति की मांग उठाई।
मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य मार्ग-97 पर स्थित भीरी से परकण्डी मक्कू बैंड मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं हॉटमिक्स डामरीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि यह मार्ग केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों की जीवनरेखा होने के साथ-साथ तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चोपता तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण स्थानीय लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही ऐश्वर्या रावत ने उखीमठ-मनसूना-उनियाणा-रांसी मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं हॉटमिक्स डामरीकरण की मांग भी की। उन्होंने कहा कि यह मार्ग तीन दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने के साथ-साथ द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। वर्तमान में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है, जिससे ग्रामीणों और यात्रियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा पूर्व में भी कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्यवाही नहीं हो पाई है।
ग्रामीण विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने ऐश्वर्या रावत द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि जनहित से जुड़े इन प्रस्तावों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाएगी तथा सड़क परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री के आश्वासन पर ऐश्वर्या रावत ने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों को बेहतर सड़क सुविधाओं से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।